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भारतीय गन्ना अनुसंधान संस्थान में राष्ट्रीय प्रशिक्षण का समापन

दिनाँक 15 जुलार्इ, 2015 को भा.कृ.अनु.प.-भारतीय गन्ना अनुसंधान संस्थान, लखनऊ में 1-15 जुलाई, 2015 को आयोजित 15 दिवसीय राष्ट्रीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का समापन समारोह आयोजित किया गया। समापन समारोह में उ0 प्र0 सहकारी चीनी मिल संघ लि0 के प्रबंध निदेशक डा0 बी0 के0 यादव, मुख्य अतिथि थे। अपने उदबोधन भाषण में डा0 बी0के0 यादव ने भविष्य में गन्ना किसानों को समय पर गन्ना भुगतान के लिए पूर्व नियोजन बनाने पर प्रकाश डाला। वर्तमान में चीनी उधोग को आर्थिक बदहाली से उबारने के लिए विविधिकरण को आवश्यक बताया तथा भविष्य में देश के अंदर पेट्रोल में 15-20 प्रतिशत तक इथनाल मिश्रित करने पर जोर दिया। इस अवसर पर डा0 ए0 के0 साह तथा डा0 ओ0 के0 सिन्हा द्वारा संकलित एवं सम्पादित “Sugarcane Crop Management for High Cane and Sugar Productivity” विषय पर पुस्तक का विमोचन माननीय मुख्य अतिथि द्वारा किया गया।

संस्थान के निदेशक डा0 ओ0 के0 सिन्हा ने अपने अध्यक्षीय भाषण में कहा कि गन्ना के खोर्इ से 2-जी इथनाल का उत्पादन चीनी मिलों के लिए वरदान साबित हो सकता है। अगर इथनाल की माँग बढ़ती है तो चुकन्दर की खेती गन्ना के साथ सह-फसली के रूप में करके ज्यादा मात्रा में इथनाल बनाया जा सकता है। प्रशिक्षण प्रभारी डा0 ए0 के0 साह, प्रधान वैज्ञानिक ने अपने उदबोधन में बताया कि प्रशिक्षित गन्ना अधिकारी चीनी मिल क्षेत्र में भारतीय गन्ना अनुसंधान संस्थान का राजदूत बनकर वैज्ञानिक तकनीकों के प्रचार प्रसार में महत्वपूर्ण योगदान देगें। चीनी मिल के प्रतिनिधियों ने इस प्रशिक्षण कार्यक्रम को उत्कृष्ट बताते हुए भविष्य में भी इस तरह के कार्यक्रम आयोजित कराने का आग्रह किया। इस प्रशिक्षण में कुल 14 चीनी मिलों के 16 गन्ना अधिकारियों ने भाग लिया तथा सभी को प्रमाण पत्र तथा स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया गया।

इस प्रशिक्षण कार्यक्रम में गन्ना उत्पादन के तकनीकों जैसे नर्इ किस्में, बीज गन्ना उत्पादन, बुवार्इ विधियां, पोषक तत्व प्रबंधन, सिंचार्इ प्रबंधन, मृदा स्वास्थ्य प्रबंधन, अन्तरालित प्रतिरोपण तकनीक, नाशी कीट व बीमारी प्रबंधन, जैव तकनीक, टिश्यू कल्चर, गन्ना मशीन, चीनी उत्पादन, विपणन प्रबंधन, संचार प्रणाली, कम्प्यूटर आधारित विशेषज्ञ प्रणाली तथा गन्ना विकास तकनीक पर आधुनिक जानकारी रोचक विधियों से प्रतिभागियों को दिया गया। साथ ही प्रायोगिक जानकारी प्रदान करने के लिए राष्ट्रीय शर्करा संस्थान, कानपुर, बिसवाँ चीनी मिल, गन्ना कृषक प्रक्षेत्र तथा संस्थान के विभिन्न प्रयोगशालाओं का भ्रमण आयोजित किया गया। अन्य शोध संस्थाओं के वैज्ञानिकों द्वारा गन्ना खेती के ज्वलन्त विषयों पर तथा गन्ना विकास विभाग के अतिरिक्त गन्ना आयुक्त द्वारा प्रदेश में गन्ना विकास कार्यक्रम पर विशेष सत्रों का भी आयोजन हुआ। लखनऊ के विभिन्न समाचार पत्रों ने अपने दैनिक में प्रशिक्षण कार्यक्रम के मुख्य गतिविधियों पर समाचार प्रकाशित किया।